- दिनांक: 01 जुलाई 2026
- विषय: भारत की वैश्विक फ्रंटियर साइंस और अनुसंधान के क्षेत्र में भागीदारी।
- CERN का मूल नाम फ्रेंच भाषा में "Conseil Européen pour la Recherche Nucléaire" (European Council for Nuclear Research) है।
| उपलब्धि | भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) जोधपुर को CERN, जेनेवा (स्विट्जरलैंड) की प्रतिष्ठित CMS (Compact Muon Solenoid) Collaboration का पूर्ण सदस्य बनाया गया। |
| CERN की महत्ता |
दुनिया की सबसे बड़ी कण भौतिकी प्रयोगशाला है, जहाँ विश्व का सबसे शक्तिशाली पार्टिकल एक्सीलेटर लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर (LHC) स्थापित है। इसी प्रयोगशाला में मानव जीवन को बदलने वाले वर्ल्ड वाइड वेब (WWW) का भी विकास हुआ था। |
| सदस्य की महत्ता | इस पूर्ण सदस्यता के साथ IIT जोधपुर अब दुनिया के चुनिंदा विश्वविद्यालयों और अग्रणी शोध संस्थानों के उस अंतरराष्ट्रीय समूह का हिस्सा बन गया है, जो मानवता के सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक प्रश्नों के उत्तर खोजने के लिए मिलकर कार्य कर रहे हैं। |
| अनुसंधान प्रश्न |
यह वैश्विक वैज्ञानिक अभियान मुख्य रूप से निम्नलिखित तीन मूलभूत प्रश्नों के उत्तर तलाश रहा है- 1. ब्रह्मांड किससे बना है? 2. इसकी शुरुआत कैसे हुई? 3. पदार्थ के सबसे छोटे और मूलभूत कण कौन-से हैं? |
| CMS प्रयोग व 'गॉड पार्टिकल' |
CMS, लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर का एक प्रमुख वैज्ञानिक प्रयोग है। वर्ष 2012 में इसी प्रयोग के माध्यम से हिग्स बोसॉन (Higgs boson) की ऐतिहासिक खोज की गई थी, जिसे लोकप्रिय रूप से "गॉड पार्टिकल" भी कहा जाता है। |
| तकनीकी |
संस्थान के वैज्ञानिक CMS के दीर्घकालिक वैज्ञानिक कार्यक्रमों में सीधे भाग लेंगे। कणों के टकराव से प्राप्त विशाल डेटा के विश्लेषण के लिए AI और ML जैसी आधुनिक तकनीकों तथा नई पीढ़ी की 'डिटेक्टर टेक्नोलॉजीज' का विकास किया जाएगा। |
| नेतृत्वकर्ता वैज्ञानिक |
IIT जोधपुर संकाय सदस्य डॉ. लता पंवार एवं डॉ. जितेन्द्र कुमार करेंगे। इन दोनों वैज्ञानिकों को इनके उत्कृष्ट वैज्ञानिक योगदान के लिए वर्ष 2025 में 'ब्रेकथ्रू प्राइज इन फंडामेंटल फिजिक्स' से सम्मानित किया जा चुका है। दोनों वैज्ञानिक CERN की विश्वप्रसिद्ध ATLAS, ALICE और CMS Collaborations के साथ शोध कार्य कर चुके हैं तथा Experimental Particle Physics के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दे चुके हैं। |
| संस्थान नेतृत्व | IIT जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल के मार्गदर्शन और दूरदर्शी नेतृत्व में इस फ्रंटियर रिसर्च को विशेष प्रोत्साहन मिला है। |
Source : PIB