चर्चा में क्यों?
- भारतीय वैज्ञानिकों ने एक ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जिसने ठोस पदार्थों में Thermoelectric Effect की दशकों पुरानी सीमा को चुनौती दी है। जवाहरलाल नेहरू सेंटर फॉर एडवांस्ड साइंटिफिक रिसर्च (JNCASR) के वैज्ञानिकों ने सहयोगी संस्थानों के साथ मिलकर Scandium Nitride (ScN) आधारित एक विशेष अर्धचालक में अत्यंत उच्च Seebeck Coefficient प्राप्त किया है।
- शोधकर्ताओं के अनुसार, इस पदार्थ ने कमरे के तापमान के आसपास −124.6 mV/K से अधिक का Seebeck coefficient प्रदर्शित किया, जो पारंपरिक अकार्बनिक अर्धचालकों में देखे जाने वाले मान से कई सौ से लेकर लगभग एक हजार गुना तक अधिक है।
Seebeck Effect क्या है?
- जब किसी पदार्थ के दो सिरों के बीच तापमान का अंतर उत्पन्न किया जाता है, तो गर्म और ठंडे हिस्से के बीच आवेश वाहकों के वितरण में अंतर के कारण विद्युत वोल्टेज उत्पन्न होता है। इस घटना को Seebeck Effect कहा जाता है।
- तापमान अंतर → आवेश वाहकों की गति → विद्युत वोल्टेज
- Seebeck Effect का उपयोग तापमान सेंसरों तथा Thermoelectric Generators में किया जाता है, जिनके माध्यम से अपशिष्ट ऊष्मा को विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित किया जा सकता है।
क्या बदला है?
- अब तक माना जाता था कि क्रिस्टलीय ठोस पदार्थों में Seebeck coefficient की एक व्यावहारिक ऊपरी सीमा होती है। सामान्यतः धातुओं में यह केवल कुछ दहाई µV/K, जबकि अच्छे अर्धचालकों में कुछ सैकड़ों µV/K तक होता है।
- इसके विपरीत, आयनिक जेल और तरल इलेक्ट्रोलाइट जैसे पदार्थ mV/K स्तर तक पहुँच सकते हैं।
- नई खोज में एक ठोस, एकल-क्रिस्टलीय अर्धचालक ने इसी सीमा को पार कर दिया है।
किस पदार्थ का उपयोग किया गया?
- शोधकर्ताओं ने Scandium Nitride (ScN) की पतली फिल्मों का निर्माण किया।
प्रमुख तकनीकी विशेषताएँ
- मुख्य पदार्थ: Scandium Nitride (ScN)
- डोपेंट: Magnesium (Mg)
- सब्सट्रेट: Magnesium Oxide (MgO)
- तकनीक: Ultra-high-vacuum Magnetron Sputtering
- संरचना: Single-crystalline एवं Epitaxial
- विशेष अवस्था: Heavily Doped, Highly Compensated (HDHC) Semiconductor
- फिल्म की मोटाई: लगभग 200 नैनोमीटर
- Seebeck coefficient: लगभग −124.6 mV/K से अधिक
⇒ मैग्नीशियम डोपिंग के माध्यम से ScN में मौजूद मुक्त इलेक्ट्रॉनों की क्षतिपूर्ति की गई, जिससे Highly Doped, Highly Compensated (HDHC) अवस्था प्राप्त हुई।
शोध में कौन-कौन से संस्थान शामिल रहे?
- यह शोध JNCASR, University of Sydney (Australia) तथा Indian Institute of Science (IISc), Bengaluru के वैज्ञानिकों के सहयोग से किया गया।
- शोध दल का नेतृत्व प्रोफेसर बिवास साहा ने किया।
- फिल्मों की संरचना की पुष्टि के लिए X-ray Diffraction और Atomic-resolution Electron Microscopy जैसी तकनीकों का उपयोग किया गया।
Photon Sensor का प्रारंभिक प्रोटोटाइप
- शोधकर्ताओं ने HDHC ScN फिल्म पर आधारित एक प्रारंभिक Photon Sensor भी विकसित किया।
- जब सेंसर के एक संपर्क पर Laser प्रकाश डाला गया, तो बहुत छोटा स्थानीय तापमान अंतर उत्पन्न हुआ। इससे लगभग −102.4 mV/K का Seebeck response प्राप्त हुआ।
- शोधकर्ताओं के अनुसार, आगे के अनुकूलन से यह तकनीक भविष्य में Single-photon level detection में भी उपयोगी हो सकती है। इस तकनीक से संबंधित भारतीय पेटेंट आवेदन भी दायर किया गया है।
संभावित अनुप्रयोग
यह खोज निम्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण हो सकती है—
- अति-संवेदनशील Temperature Sensors
- Hat Detectors
- Low-noise Thermal Imaging
- High-resolution Heat-flow Detection
- Bolometric Devices
- Internet of Things (IoT) Sensors
- Photon Detection
- Quantum Sensing
- Single-photon Detectors
- Thermoelectric Waste-heat Recovery
⇒ इसके अतिरिक्त, Seebeck effect की तीव्र तापमान-निर्भरता भविष्य में Temperature-controlled Seebeck Switches के विकास का आधार बन सकती है।
भारत के लिए महत्व
- यह उपलब्धि भारत में Advanced Materials, Semiconductor Technology और Quantum Technology के क्षेत्र में अनुसंधान क्षमता को दर्शाती है। विशेष रूप से→ यह दिखाती है कि नियंत्रित Doping और Charge Compensation के माध्यम से ठोस पदार्थों के इलेक्ट्रॉनिक एवं थर्मोइलेक्ट्रिक गुणों को नए स्तर तक इंजीनियर किया जा सकता है।
- इस प्रकार की सामग्री भविष्य में कम ऊर्जा वाले, अत्यधिक संवेदनशील और उच्च-रिजॉल्यूशन वाले सेंसरों के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
परीक्षा उपयोगी तथ्य
तथ्य विवरण
- प्रमुख प्रभाव: Seebeck Effect
- प्रमुख पदार्थ: Scandium Nitride (ScN)
- डोपेंट: Magnesium
- विशेष अर्धचालक: HDHC Semiconductor
- प्रमुख संस्थान: JNCASR, IISc, University of Sydney
- प्रमुख वैज्ञानिक: प्रो. बिवास साहा
- अधिकतम रिपोर्टेड Seebeck coefficient: −124.6 mV/K से अधिक
- प्रोटोटाइप: Photon Sensor
- प्रमुख उपयोग: Temperature & Photon Sensing, Thermal Imaging, Quantum Technology
- शोध प्रकाशन: Science
RAS/UPSC संभावित प्रश्न
प्रश्न: हाल ही में चर्चा में रहे Scandium Nitride आधारित थर्मोइलेक्ट्रिक पदार्थ के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—
1. इसमें अत्यधिक उच्च Seebeck coefficient प्रदर्शित किया गया है।
2. इसमें Magnesium doping का उपयोग किया गया।
3. इसका संभावित उपयोग अत्यधिक संवेदनशील तापमान एवं photon sensors में किया जा सकता है।
सही उत्तर: 1, 2 और 3 सभी सही हैं।
मुख्य अवधारणा:
- Seebeck Effect = तापमान अंतर से विद्युत वोल्टेज का उत्पन्न होना।