मुख्य उद्देश्य:आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर, एज कंप्यूटिंग और इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) को जोड़कर व्यावहारिक और सुलभ तकनीकी समाधान विकसित करना।
तीन प्रमुख शोध क्षेत्र-
स्मार्ट हेल्थकेयर:ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों के लिए पोर्टेबल डायग्नोस्टिक प्लेटफॉर्म और स्मार्ट सिस्टम, जो बीमारी की शुरुआती पहचान और लगातार निगरानी में सहायक है।
सॉफ्टवेयर आर्किटेक्चर एवं इंटेलिजेंट सिस्टम:कम इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों और सीमित कंप्यूटिंग क्षमता वाले उपकरणों के लिए भरोसेमंद AI सिस्टम। इसके तहत विकसित“Teacher-in-the-Loop AI”प्रणाली को भारत, घाना, जिम्बाब्वे, केन्या और नाइजीरिया सहित पांच राष्ट्रमंडल देशों में लागू किया जा चुका है।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ऑफ थिंग्स (AIoT):आवाज के आधार पर प्रकृति (Prakriti) की पहचान, पहनने योग्य सेंसर से चलने के तरीके का विश्लेषण, तथास्ट्रक्चरल हेल्थ मॉनिटरिंग (SHM)के तहत पुलों और महत्वपूर्ण संरचनाओं की सुरक्षा पर नजर रखना।