- अवधि : 28 - 30 जून तक।
- लक्ष्य : प्रदेश के 1.04 करोड़ से अधिक (5 वर्ष तक की आयु के) बच्चों को पोलियोरोधी खुराक पिलाना।
- कार्यप्रणाली –
- प्रथम दिन : राज्य भर के 59,217 बूथों पर दवा पिलाई जाएगी।
- अगले 2 दिन : घर-घर जाकर टीकाकरण ताकि कोई बच्चा वंचित न रहे।
- कुल 75,232 टीमें गठित (जिसमें 7,011 ट्रांजिट और 9,004 मोबाइल टीमें)
- 1.38 लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मी सक्रिय भागीदारी निभा रहे।
- विशेष : घुमक्कड़ जनजाति के डेरे, ईंट-भट्टों पर कार्यरत मजदूरों के बच्चे और दुर्गम क्षेत्रों में निवास करने वाले बच्चे।
- भारत की पोलियो स्थिति (सांख्यिकी)
- अभियान की शुरुआत : 1995
- अंतिम केस : जनवरी 2011 के पश्चात भारत में कोई नया केस नहीं।
- पोलियो मुक्त प्रमाणन : 27 मार्च, 2014 को भारत 'पोलियो मुक्त' घोषित।
- वैश्विक संदर्भ : वर्ष 2026 में अभी तक पाकिस्तान में 3 और अफगानिस्तान में 4 पोलियो केस पाए गए।
♦ पल्स पोलियो अभियान के ताजा चरण में, राज्य ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने बताया कि, 28 जून को प्रदेश में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा ने, बच्चों को पोलियो की दवा पिलाकर किया था। अभियान में प्रदेश के 1.04 करोड़ बच्चों के लक्ष्य के विरुद्ध 1.03 करोड़ बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाई गई।
- SOURCE : सूचना एवं जनसंपर्क विभाग


