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प्रमुख उद्योग सूचकांक (ICI) की नई संशोधित शृंखला (UPSC/RAS/PSI)

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  • आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA), उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने 20 जुलाई 2026 को 'प्रमुख उद्योग सूचकांक' (ICI) की एक नई संशोधित शृंखला जारी की है।
  • ICI श्रृंखला को प्रारंभ में 1980-81 को आधार वर्ष मानकर तैयार किया गया था। इसके बाद आधार वर्ष में संशोधन 1993-94, 2004-05 और 2011-12 में किया गया। वर्तमान अद्यतन ICI की शुरुआत के बाद किया गया चौथा संशोधन है। 

प्रमुख बदलाव:

  • नया आधार वर्ष: नई ICI शृंखला का आधार वर्ष अब 2022-23 कर दिया गया है। इसने पुरानी शृंखला (आधार वर्ष 2011-12) का स्थान लिया है।
  • लौह अयस्क का समावेश: 2022-23 श्रृंखला से शुरू होकर लौह अयस्क को सूचकांक समूह में नौवें उद्योग के रूप में जोड़ा गया।
  • संशोधित संरचना: आईसीआई 2022-23 श्रृंखला में अब कुल नौ प्रमुख उद्योग शामिल हैं।
  • नौ प्रमुख उद्योग: कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट, विद्युत तथा लौह अयस्क ।
  • पद्धति और भार: ICI (2022-23) के भार सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) द्वारा जारी औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) 2022-23 के भारों से प्राप्त और समायोजित किए गए हैं।
  • कुल भार: ये नौ प्रमुख उद्योग औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (आईआईपी) में शामिल वस्तुओं के भार का 32.88% हिस्सा बनाते हैं। जिसे आधार वर्ष 2011-12 की शृंखला के पूर्ववर्ती 40.27% भार से संशोधित किया गया है।
  • भार: विद्युत 30.93% (सर्वाधिक), रिफाइनरी उत्पाद 22.57%, इस्पात 17.58%, कच्चा तेल 7.43%, कोयला 5.59%, लौह अयस्क 4.90%, सीमेंट 4.41%, प्राकृतिक गैस 3.84% तथा उर्वरक 2.73% का भार है। 
  • इस्पात (Steel) के आकलन में बदलाव: IIP के साथ एकरूपता सुनिश्चित करने के लिए, इस्पात सूचकांक के संकलन में अब 'शुद्ध उत्पादन'  की जगह 'सकल उत्पादन' डेटा का उपयोग किया जा रहा है।
  • कोयला (Coal) के आकलन में बदलाव: दोहरी गणना की त्रुटि को समाप्त करने के लिए, अब कोयला क्षेत्र में केवल 'कच्चे कोयले' (Raw Coal) को शामिल किया गया है (धुले हुए या मध्यम श्रेणी के कोयले को इसमें से हटा दिया गया है)।
  • यह सूचकांक आर्थिक सलाहकार कार्यालय (OEA) द्वारा मासिक (Monthly) आधार पर संकलित और जारी किया जाता है।

ICI का महत्व

  • ICI को अक्सर अर्थव्यवस्था की "औद्योगिक नाड़ी (Industrial Pulse of the Economy)" कहा जाता है, क्योंकि यह आर्थिक स्वास्थ्य में एक आधारभूत भूमिका निभाता है।
  • औद्योगिक विकास का प्रारंभिक संकेतक: ICI, व्यापक औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) से पहले जारी किया जाता है और औद्योगिक गतिविधियों तथा आर्थिक गति का प्रारंभिक संकेत प्रदान करता है।
  • अवसंरचना एवं उत्पादन क्षमता का आकलन: चूँकि ये क्षेत्र विनिर्माण, निर्माण, परिवहन और ऊर्जा के लिए आवश्यक इनपुट उपलब्ध कराते हैं, इसलिए ICI में वृद्धि अक्सर अर्थव्यवस्था की उत्पादन क्षमता के विस्तार को दर्शाती है।
  • नीति निर्माण में सहायक: सरकारी एजेंसियाँ और नीति-निर्माता ICI के रुझानों का उपयोग विभिन्न क्षेत्रों के प्रदर्शन का मूल्यांकन करने तथा औद्योगिक, ऊर्जा, खनन और अवसंरचना संबंधी नीतियाँ तैयार करने के लिए करते हैं।
  • राष्ट्रीय आर्थिक मूल्यांकन के लिए महत्वपूर्ण इनपुट: कोर उद्योगों में होने वाले परिवर्तन समग्र औद्योगिक उत्पादन, GDP के अनुमान तथा व्यापक आर्थिक (मैक्रोइकोनॉमिक) विश्लेषण को प्रभावित करते हैं।
  • निवेश एवं व्यावसायिक परिस्थितियों का संकेतक: निवेशक, व्यवसाय और विश्लेषक ICI पर नज़र रखते हैं ताकि वे मांग की स्थिति को समझ सकें और अवसंरचना से जुड़े क्षेत्रों में उभरती प्रवृत्तियों की पहचान कर सकें।
  • आपूर्ति-पक्षीय मुद्रास्फीति दबावों की निगरानी में सहायक: इस्पात, सीमेंट, ऊर्जा और रिफाइनरी उत्पाद जैसे क्षेत्र प्रमुख मध्यवर्ती इनपुट हैं। इनके उत्पादन में होने वाले बदलाव अर्थव्यवस्था में संभावित लागत दबावों का संकेत दे सकते हैं।
  • पूर्वानुमान लगाने में उपयोगी: अर्थशास्त्री अक्सर ICI के आँकड़ों का उपयोग औद्योगिक विकास का अनुमान लगाने, तिमाही GDP रुझानों का आकलन करने तथा आर्थिक चक्रों का विश्लेषण करने के लिए करते हैं।