प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (PGI) 2.0 और पीजीआई-डी (PGI-D) रिपोर्ट 2025-26 (UPSC/RAS/PSI)
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केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (UTs) के लिए प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक 2.0 (PGI-S) और जिलों के लिए प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (PGI-D) पर वर्ष 2025-26 की रिपोर्ट जारी की है।
भारतीय शिक्षा प्रणाली का परिदृश्य:
भारतीय शिक्षा प्रणाली विश्व की सबसे बड़ी और जटिल शिक्षा प्रणालियों में से एक है।
इसमें लगभग 14.67 लाख स्कूल, 1.03 करोड़ शिक्षक और विभिन्न सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमियों से आने वाले लगभग 24.72 करोड़ छात्र शामिल हैं।
1. प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक (PGI-S) – राज्य/केंद्र शासित प्रदेश
तैयार: केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय का विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (DoSEL)।
उद्देश्य: राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षा क्षेत्र में प्रदर्शन का विभिन्न श्रेणियों और स्तरों में मूल्यांकन करना। यह एक संतुलित और रचनात्मक मूल्यांकन ढाँचा प्रदान करता है।
शिक्षा के क्षेत्र में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण को बढ़ावा देना और राज्यों के बीच प्रतिस्पर्धी तथा सहकारी संघवाद को प्रोत्साहित करना है।
मूल्यांकन संरचना:
कुल संकेतक : 70
कुल अंक: 1000
इसे मुख्य रूप से दो श्रेणियों में बाँटा गया है: 1) परिणाम, और 2) शासन एवं प्रबंधन ।
इनमें छह डोमेन शामिल हैं:
अधिगम परिणाम और गुणवत्ता (Learning Outcomes and Quality)
पहुँच (Access)
अवसंरचना एवं सुविधाएँ (Infrastructure & Facilities)
समानता (Equity)
शासन प्रक्रियाएँ (Governance Processes)
शिक्षक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (Teacher Education & Training)
पीजीआई-राज्य ग्रेडिंग
किसी भी राज्य या केंद्रशासित प्रदेश ने शीर्ष तीन श्रेणियों—‘उत्कर्ष’ (Utkarsh), ‘उत्तम-1’ (Uttam-1) अथवा ‘उत्तम-2’ (Uttam-2)—में स्थान प्राप्त नहीं किया।
सर्वोच्च प्रदर्शनकर्त्ता: चंडीगढ़ ने उच्चतम श्रेणी ‘उत्तम-3’ (Uttam-3) प्राप्त की।
प्राचेस्ता-1 श्रेणी के अंतर्गत आने वाले राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों की सूची ( 2022-2023 ): दादरा और नगर हवेली और दमन और दीव, दिल्ली, केरल, पंजाब
किसी भी राज्य/केंद्रशासित प्रदेश को ‘आकांक्षी-2’ (11–20%) अथवा ‘आकांक्षी-3’ (10% तक) श्रेणी में स्थान नहीं मिला
राजस्थान: राज्य ग्रेड- प्राचेष्टा-3; कुल स्कोर: 589.5/1000
2. प्रदर्शन ग्रेडिंग सूचकांक - जिले (PGI-D)
विस्तार: शिक्षा मंत्रालय ने PGI ढाँचे का जिला स्तर पर विस्तार करते हुए 'जिला-विशिष्ट PGI (PGI-D)' का निर्माण किया है।
उद्देश्य: जिला स्तर पर शैक्षिक नीतियों के परिणामों का अधिक सूक्ष्मता से मापन करना। यह ज़िलों को स्कूली शिक्षा में मौजूद कमियों को पहचानने और संसाधन आवंटन के लिए प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को लक्षित करने में मदद करता है।
मूल्यांकन संरचना:
कुल संकेतक: 70
कुल अंक: 600
श्रेणियाँ (6): 1) परिणाम, 2) प्रभावी कक्षा संचालन, 3) अवसंरचना सुविधाएं और छात्र अधिकार, 4) विद्यालय सुरक्षा और बाल संरक्षण, 5) डिजिटल शिक्षा, और 6) शासन प्रक्रिया।
11 डोमेन: इन श्रेणियों को आगे 11 उप-क्षेत्रों में बाँटा गया है, जिनमें प्रमुख हैं: अधिगम परिणाम और गुणवत्ता(LOQ), पहुंच परिणाम (AO), शिक्षक उपलब्धता और व्यावसायिक विकास परिणाम (TAPDO), अधिगम प्रबंधन (LM), अधिगम संवर्धन गतिविधियां (LEA), डिजिटल शिक्षा (DL), अवसंरचना, सुविधाएं, छात्र अधिकार( IF&SE), विद्यालय सुरक्षा और बाल संरक्षण(SS & CP), और निधि अभिसरण और उपयोग (FCU) , उपस्थिति निगरानी प्रणाली (AMS) और विद्यालय नेतृत्व विकास (SLD)।