- प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने 9 जुलाई, 2026 को मेलबर्न में ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी श्री अल्बनीज द्वारा आयोजित तीसरे भारत-ऑस्ट्रेलिया वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लिया
परिणामों की सूची
1. रक्षा एवं सामरिक सहयोग
- रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा (JDSC) जारी।
- समुद्री सुरक्षा सहयोग प्रारूप (MSCR) की शुरुआत।
- भारतीय तटरक्षक बल (ICG) एवं ऑस्ट्रेलिया के Maritime Border Command के बीच समझौता।
- ऑस्ट्रेलिया के रक्षा महाविद्यालय (2028–29) में भारतीय सैन्य प्रशिक्षक की तैनाती।
2. हिंद-प्रशांत एवं समुद्री सुरक्षा
- हिंद-प्रशांत क्षेत्र में मुक्त, समावेशी एवं नियम-आधारित व्यवस्था के प्रति प्रतिबद्धता।
- समुद्री डोमेन जागरूकता (MDA), सूचना साझाकरण एवं समुद्री कानून प्रवर्तन में सहयोग बढ़ाने पर सहमति।
3. ऊर्जा एवं महत्वपूर्ण खनिज
- ऊर्जा सुरक्षा पर संयुक्त वक्तव्य जारी।
- 2014 के नागरिक परमाणु समझौते के क्रियान्वयन हेतु प्रशासनिक व्यवस्था को अंतिम रूप।
- भारत को ऑस्ट्रेलिया से यूरेनियम आपूर्ति का मार्ग प्रशस्त।
- महत्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) एवं आपूर्ति शृंखला को सुदृढ़ करने पर जोर।
4. साइबर एवं उभरती प्रौद्योगिकी
- PACTS (Partnership for Cyber, Critical Technologies and Supply Chains) का शुभारंभ।
- साइबर सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), सेमीकंडक्टर एवं आपूर्ति शृंखलाओं में सहयोग।
- ACITI (Australia–Canada–India Technology and Innovation Partnership) के अंतर्गत त्रिपक्षीय सहयोग।
5. शिक्षा एवं कौशल
- बेंगलुरु में Flinders University तथा गुरुग्राम में Victoria University के परिसर स्थापित करने की अनुमति।
- National Council for Vocational Education and Training (NCVET)–Australian Skills Quality Authority (ASQA) के बीच TVET (Technical and Vocational Education & Training) गुणवत्ता सहयोग।
- भुवनेश्वर में Mining & METS Centre of Excellence की स्थापना।
6. विज्ञान एवं नवाचार
- GSI – Geoscience Australia के बीच भू-वैज्ञानिक सहयोग।
- CSIR – University of Melbourne के बीच अनुसंधान सहयोग।
- TKDL (Traditional Knowledge Digital Library) तक IP Australia की पहुँच।
7. संस्कृति एवं हरित विकास
- ऑस्ट्रेलिया ने भारत को तीन महत्वपूर्ण प्राचीन कलाकृतियाँ लौटाईं—
- नंदी (शिव का वाहन) – ग्रेनाइट, 11वीं–12वीं शताब्दी, तमिलनाडु।
- भद्रकाली सहित त्रिशूल – कांस्य, 11वीं शताब्दी, तमिलनाडु।
- छह मुख वाले स्कंद (कार्तिकेय) – बेसाल्ट, 12वीं शताब्दी, तमिलनाडु
♦ गांधीनगर में Rooftop Solar Training Academy के माध्यम से 2000 महिलाओं एवं युवाओं को सौर तकनीशियन के रूप में प्रशिक्षित करने की पहल।