Menu

Q. एकीकरण के दौरान राजस्थान की प्रमुख रियासतों के समक्ष आने वाली समस्याओं का उल्लेख कीजिए।

उत्तर-
 राजस्थान के एकीकरण (7 चरणों में) के समक्ष आने वाली विभिन्न समस्यायें निम्नानुसार थी-
  •  स्वतंत्रता प्राप्ति के समय में राज्य में 22 छोटी रियासतों अजमेर-मेरवाड़ा के ब्रिटिश शासित क्षेत्र को मिलाकर एक इकाई के रूप में संग करने की विकट समस्या थी।
  •  सांप्रदायिक दंगे जैसे- अलवर व भरतपुर में मेव जाति की समस्या, महात्मा गाँधी की हत्या में अलवर राज्य की भूमिका होने से विवाद था।
  •  जोधपुर की सामाजिक व भौगोलिक स्थिति के कारण पाकिस्तान में इसके विलय की संभावना थी, जिसका उल्लेख सुमनेश जोशी के रियासती समाचार पत्र में था।
  •  बीकानेर शासक स्वतंत्र अस्तित्व बनाए रखना चाहता था लेकिन सीमांत राज्य होने के कारण भारत इसके भी विलय का पक्षधर था। 
  •  ⁠मेवाड़ के महाराणाजागीरदार वर्ग अपनी गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थिति के कारण विलय के इच्छुक नहीं थे।
-परिणामस्वरूप भारत के रियासती विभाग ने अत्यंत बुद्धिमानी, दूरदर्शिता, कूटनीति एवं संयम से राजस्थान के विलय की हर संभावित प्रक्रिया को अपनाते हुए 1956 ई. में विलय का कार्य पूर्ण किया।