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राजस्थान (हनुमानगढ़) : भारत का प्रथम पोटाश खनन केंद्र (RAS/PSI)

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  • प्रथम नीलामी : भारत के इतिहास में पहली बार किसी 'पोटाश ब्लॉक' की सफल व्यावसायिक नीलामी की गई है।
  • नोडल मंत्रालय : खान मंत्रालय, भारत सरकार
  • नीलामी का विवरण : ब्लॉक एवं आवंटन- कंपनी
पोटाश ब्लॉक आवंटन- कंपनी
♦ जंडावाली-सतीपुरा अमलगमेटेड पोटाश एवं हैलाइट हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL)
♦ जोड़कियां, सतीपुरा, खुंजा अमलगमेटेड पोटाश एवं हैलाइट ऑयल इंडिया लिमिटेड (OIL)
  • भविष्य की कार्ययोजना : कंपनियों को अगले 3 वर्षों तक विस्तृत खोज (Exploration) करनी होगी, ताकि पोटाश की मात्रा, गहराई और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके। इसके बाद ही व्यावसायिक खनन शुरू होगा।
  • विस्तार : हनुमानगढ़ जिले का 878 हेक्टेयर क्षेत्र।
  • भंडार : जमीन के नीचे पोटाश की लगभग 125 मीटर मोटी परत स्थित है, जो देश की दीर्घकालिक मांग को पूरा करने में सक्षम।
  • आयात विकल्प : वर्तमान में भारत अपनी पोटैशियम युक्त उर्वरक  की जरूरतों के लिए पूरी तरह विदेशों पर निर्भर है। स्वदेशी खनन से विदेशी मुद्रा की भारी बचत होगी।
  • पर्यावरण संरक्षण : खनन गतिविधि के दौरान पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखना।
  • जल प्रबंधन : हनुमानगढ़ के मरुस्थलीय/अर्ध-मरुस्थलीय क्षेत्र में भूजल संरक्षण सुनिश्चित करना इस परियोजना की सबसे बड़ी प्रशासनिक चुनौती है।