उत्तर:
- सामाजिक-धार्मिक जीवन व धातु विज्ञान
3 प्रकार की मूर्तिकला:
1. प्रस्तर मूर्तिकला
- शारीरिक यथार्थवाद और सूक्ष्म नक्काशी
- उदाहरण:
- दाढ़ी वाले पुरोहित/राजा (सेलखड़ी) की मूर्ति - मोहनजोदड़ो
- लाल बलुआ पत्थर का पुरुष का धड़ - हड़प्पा
- कृष्ण पाषाण नर्तक (नटराज) - हड़प्पा
2. कांस्य मूर्तिकला
- लुप्तमोम तकनीक
- उदाहरण:
- कांस्य नर्तकी - मोहनजोदड़ो
- कांस्य रथ - दैमाबाद (महाराष्ट्र)
- तांबे का कुत्ता व पक्षी - लोथल (गुजरात)
- कांस्य भैंसा व हाथी - मोहनजोदड़ो
3. टेराकोटा मूर्तिकला
- 'पिचिंग तकनीक'
- धर्म व लोक कला से सम्बद्ध
- उदाहरण:
- मातृदेवी की मूर्तियां - हड़प्पा व मोहनजोदड़ो
- कुबड़ वाला सांड़ - हड़प्पा व मोहनजोदड़ो
- खिलौने व गाड़ियां - चन्हुदड़ो व कालीबंगा
विशेषताएँ:
- उन्नत प्रौद्योगिकी: लुप्त मोम तकनीक व पिचिंग तकनीक
- सामाजिक जीवन व वेशभूषा: eg. आभूषण आदि
- मनोरंजन व लोक-संस्कृति: eg. खिलौने, गाड़ियां आदि
- सजीवता व यथार्थवाद: eg. पशु, पक्षी व मानव मूर्तियां
- मातृसत्तात्मक परिवार: eg. मातृदेवी की मूर्तियां आदि
- धार्मिक आस्था व विश्वास: eg. प्रकृति पूजा एवं मातृदेवी की उपासना