समाचार में क्यों ?
- हाल ही में केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित स्पेस-टेक स्टार्टअप HEX20 ने SpaceX Transporter-17 मिशन के माध्यम से अपना दूसरा उपग्रह 'KOYO' सफलतापूर्वक अंतरिक्ष में प्रक्षेपित किया।
मुख्य बिंदु
1. HEX20
- केरल के टेक्नोपार्क, तिरुवनंतपुरम स्थित भारतीय स्पेस-टेक स्टार्टअप।
- छोटे उपग्रहों (Small Satellites) के विकास एवं प्रक्षेपण पर कार्यरत।
2. KOYO उपग्रह
- HEX20 का दूसरा उपग्रह।
- ताइवान की National Central University (NCU) के पेलोड के लिए Test Bus के रूप में कार्य करेगा।
- अंतरिक्ष में नई तकनीकों एवं पेलोड का परीक्षण करेगा।
3. Test Bus क्या है?
- ऐसा उपग्रह प्लेटफ़ॉर्म जिस पर विभिन्न वैज्ञानिक उपकरण (Payloads) लगाकर उनकी अंतरिक्ष में कार्यक्षमता का परीक्षण किया जाता है।
- इससे नई तकनीकों का कम लागत एवं कम जोखिम में सत्यापन किया जाता है।
4. वैश्विक सहयोग
- HEX20 ने ताइवान की National Central University (NCU) के साथ मिलकर यह मिशन संचालित किया।
- यह भारत के निजी अंतरिक्ष क्षेत्र में बढ़ते अंतरराष्ट्रीय सहयोग को दर्शाता है।
5. प्रक्षेपण
- प्रक्षेपण SpaceX के Transporter-17 Rideshare Mission के माध्यम से किया गया।
- राइडशेयर मिशन में एक ही रॉकेट से अनेक छोटे उपग्रहों को उनकी कक्षाओं में स्थापित किया जाता है।
6. भविष्य की योजनाएँ
- HEX20 ने अगले 12 महीनों में 6 नए उपग्रह मिशन लॉन्च करने की घोषणा की है, जिनमें प्रमुख हैं—
- MAYA-V1
- DINK-N1
SpaceX Transporter Mission क्या है?
- यह SpaceX का समर्पित Small Satellite Rideshare Program है।
- इसके माध्यम से विश्वभर के छोटे उपग्रह कम लागत पर एक साथ प्रक्षेपित किए जाते हैं।
- इससे निजी कंपनियों, विश्वविद्यालयों एवं स्टार्टअप्स को अंतरिक्ष तक आसान पहुँच मिलती है।