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दुनिया का पहला 'RTI लिविंग म्यूजियम' (RAS/PSI)

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  • उपलब्धि : RTI कानून की मंजूरी के 21 वर्ष पूर्ण होने पर भारत के ऐतिहासिक RTI जन-आंदोलन की केंद्रस्थली ब्यावर (राजस्थान) में विश्व का पहला 'आरटीआई लिविंग म्यूजियम' बनाया जा रहा है।
  • संस्था : निर्माण एवं संचालन 'स्कूल फॉर डेमोक्रेसी' द्वारा
  • प्रणेता : सामाजिक कार्यकर्ता अरुणा रॉय (मजदूर किसान शक्ति संगठन)
  • स्थान : नरवद खेड़ा (केसरपुरा क्षेत्र), जिला- ब्यावर।
  • क्षेत्रफल : 1 एकड़ भूमि।
  • लागत : कुल 2.5 करोड़ (प्रथम चरण हेतु 85 लाख आवंटित)
  • संग्रहालय का स्वरूप : यह एक 'लिविंग म्यूजियम' (जीवंत संग्रहालय) होगा, जिसमें 1996 के ब्यावर धरने से जुड़ी दुर्लभ तस्वीरें, दस्तावेज, ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग्स और ऐतिहासिक पोस्टर सहेजे जाएंगे।
  • ब्यावर का योगदान : भारत में RTI कानून की नींव रखने वाला सबसे बड़ा और ऐतिहासिक 44 दिनों का धरना वर्ष 1996 में ब्यावर में ही आयोजित किया गया था।
  • संदर्भ : 15 जून (21 वर्ष पूर्व) के इसी जन-आंदोलन के परिणामस्वरूप देश को 'सूचना का अधिकार कानून (RTI Act, 2005)' प्राप्त हुआ था।