- लॉन्च : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 4 जुलाई 2026 को राजस्थान के जोधपुर में एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने संशोधित ‘उड़ान’(उड़े देश का आम नागरिक) - ‘विकसित उड़ान’ योजना भी लॉन्च की ।
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च 25, 2026 को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना - संशोधित उड़ान के कार्यान्वयन को मंजूरी दी है।
- उद्देश्य : हवाई यात्रा को किफायती बनाने और टियर-2 और टियर-3 शहरों से कनेक्टिविटी को मजबूत करना
- कुल परिव्यय: ₹28,840 करोड़
- अवधिः वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 (10 वर्ष)
- मूल उड़ान योजना की शुरुआत: अक्टूबर 2016 में ।
- प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना
- मंत्रालय: नागरिक विमानन मंत्रालय
- कार्यान्वयन एजेंसी: भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI)।
मुख्य घटक
- हवाई अड्डों का विकास: 8 वर्षों में ₹12,159 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा ।
- हवाई अड्डों का संचालन एवं रखरखाव : दीर्घकालिक संचालन क्षमता सुनिश्चित करने के लिए तीन वर्षों के लिए लगभग 441 हवाई अड्डों को ₹2,577 करोड़ की संचालन एवं रखरखाव सहायता प्रदान की जाएगी।
- आधुनिक हेलीपैडों का विकास: दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 8 वर्षों में ₹3,661 करोड़ के निवेश से 200 आधुनिक हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा।
- वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF):
- इसके लिए 10,043 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
- एयरलाइन परिचालकों को 5 वर्षों तक वित्तीय सहायता दी जाएगी, जिसे तीसरे वर्ष से चरणबद्ध तरीके से कम (Phase out) किया जाएगा।
- किसी विशेष मार्ग पर एकाधिकार केवल 3 वर्षों के लिए दिया जाएगा।
- आत्मनिर्भर भारत विमान अधिग्रहण: पवन हंस के लिए 2 HAL " ध्रुव हेलीकॉप्टर” और एलायंस एयर के लिए 2 HAL “डॉर्नियर विमान” खरीद की जाएंगी।
प्रभाव :
- कम सेवा प्राप्त और सेवा से वंचित क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार।
- दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में आर्थिक विकास, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा।
- आम नागरिकों के लिए सस्ती हवाई यात्रा का समर्थन।
- दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में आपातकालीन कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार।
- क्षेत्रीय हवाई अड्डों और एयरलाइन संचालकों के लिए अधिक व्यवहार्यता और स्थिरता।
- आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र को बढ़ावा।
- विकसित भारत 2047 लक्ष्य की ओर प्रगति।
उड़ान योजना की अब तक की उपलब्धियां (विगत 9 वर्षों में):
- भारत अब दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा घरेलू नागरिक उड्डयन बाजार है।
- देश में हवाई अड्डों की संख्या 2014 के 74 से बढ़कर 15 जुलाई 2026 तक 165 हो गई है।
- अब तक 95 हवाई अड्डों/हेलीपोर्टों को जोड़ते हुए 679 क्षेत्रीय मार्ग चालू किए गए हैं, जिनसे 1.68 करोड़ से अधिक यात्रियों ने सफर किया है।