- लॉन्च : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को राजस्थान के जोधपुर में एयरपोर्ट के नए टर्मिनल भवन का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने संशोधित ‘उड़ान’(उड़े देश का आम नागरिक) योजना भी लॉन्च की ।
- केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मार्च 25, 2026 को क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना - संशोधित उड़ान के कार्यान्वयन को मंजूरी दी है।
- उद्देश्य : हवाई यात्रा को किफायती बनाने और टियर-2 और टियर-3 शहरों से कनेक्टिविटी को मजबूत करना
- कुल परिव्यय: ₹28,840 करोड़
- अवधिः वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 (10 वर्ष)
- मूल उड़ान योजना की शुरुआत: अक्टूबर 2016 में ।
- प्रकार: केंद्रीय क्षेत्रक योजना
- मंत्रालय: नागरिक विमानन मंत्रालय
- कार्यान्वयन एजेंसी: भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI)।
मुख्य घटक
- हवाई अड्डों का विकास: 8 वर्षों में ₹12,159 करोड़ के कुल परिव्यय के साथ मौजूदा अप्रयुक्त हवाई पट्टियों से 100 हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा ।
- हवाई अड्डों का संचालन एवं रखरखाव : तीन वर्षों के लिए लगभग 441 हवाई अड्डों को ₹2,577 करोड़ की संचालन एवं रखरखाव सहायता प्रदान की जाएगी।
- आधुनिक हेलीपैडों का विकास: दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 8 वर्षों में ₹3,661 करोड़ के निवेश से 200 आधुनिक हेलीपैड का निर्माण किया जाएगा।
- वायबिलिटी गैप फंडिंग (VGF): एयरलाइन संचालकों को आवंटित मार्गों पर परिचालन के लिए 10 वर्षों में ₹10,043 करोड़ की सहायता प्रदान की जाएगी ।
- आत्मनिर्भर भारत विमान अधिग्रहण: पवन हंस के लिए 2 HAL " ध्रुव हेलीकॉप्टर” और एलायंस एयर के लिए 2 HAL “डॉर्नियर विमान” खरीद की जाएंगी।
प्रभाव :
- कम सेवा प्राप्त और सेवा से वंचित क्षेत्रों के लिए क्षेत्रीय हवाई संपर्क में सुधार।
- दूसरे और तीसरे दर्जे के शहरों में आर्थिक विकास, व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा।
- आम नागरिकों के लिए सस्ती हवाई यात्रा का समर्थन।
- दूरस्थ और पहाड़ी क्षेत्रों में आपातकालीन कार्रवाई और स्वास्थ्य सेवा तक पहुंच में सुधार।
- क्षेत्रीय हवाई अड्डों और एयरलाइन संचालकों के लिए अधिक व्यवहार्यता और स्थिरता।
- आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी एयरोस्पेस क्षेत्र को बढ़ावा।
- विकसित भारत 2047 लक्ष्य की ओर प्रगति।