उत्तर:
- प्रस्तावना संविधान के मौलिक मूल्यों और दर्शन का सार प्रस्तुत करती है, इसीलिए पंडित ठाकुरदास भार्गव ने इसे संविधान की 'आत्मा' कहा है। इसमें संविधान के प्रमुख तत्व शामिल हैं:
- शक्ति का स्रोत: भारत की जनता ("हम भारत के लोग")।
- शासन की प्रकृति: संपूर्ण प्रभुत्व-संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य।
- संविधान के उद्देश्य: न्याय (सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक), स्वतंत्रता, समता, और बंधुता।
- लागू/अंगीकृत होने की तिथि: 26 नवंबर 1949 को अंगीकृत एवं 26 जनवरी 1950 को पूर्णतः लागू।
- यह संविधान के मूल ढाँचे और उसके उद्देश्यों को समझने की कुंजी है, इसलिए इसे 'आत्मा' कहा जाता है।