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दिशा 2.0 (DISHA 2.0)

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  • केंद्रीय विधि एवं न्याय मंत्रालय ने नागरिकों को सुलभ और सुगम न्याय प्रदान करने के लिए 'दिशा' योजना को पुनर्गठित कर 'दिशा 2.0' के रूप में मंजूरी दी है।

  • DISHA: Designing Innovative Solutions for Holistic Access to Justice/ न्याय तक समग्र पहुंच के लिए अभिनव समाधान तैयार करना

  • अवधि: 1 अप्रैल, 2026 से 31 मार्च, 2031 तक (5 वर्ष, 16वें वित्त आयोग के चक्र के अनुरूप)।

  • बजट: ₹255 करोड़ (भारत सरकार द्वारा 100% वित्त पोषित केंद्रीय क्षेत्र की योजना)।

  • लक्षित लाभार्थी: इस कार्यक्रम के माध्यम से कुल 30 लाख नए लाभार्थियों तक पहुँचने का लक्ष्य है।

  • उद्देश्य: भारत के संविधान की प्रस्तावना और अनुच्छेद 14, 21 और 39A के अंतर्गत प्रतिपादित "न्याय तक पहुंच" के संवैधानिक जनादेश को पूरा करना

    • शांति, न्याय और सशक्त संस्थानों पर संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य 16 (एसडीजी-16) के कार्यान्वयन का समर्थन करना

  • विस्तार: यह योजना अखिल भारतीय स्तर पर सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू की जाएगी।

  • नया इनोवेशन: इस चरण में 'विधि संजीवनी' नामक एक नया घटक जोड़ा गया है, जो पूरी तरह से तकनीक और AI पर आधारित है।

दिशा 2.0 के चार प्रमुख घटक 

1. टेली-लॉ (Tele-Law: वंचितों तक पहुँच):

  • ग्राम पंचायत स्तर पर 2,50,000 सामान्य सेवा केंद्रों (CSCs) के नेटवर्क के जरिए मुफ़्त कानूनी सलाह प्रदान की जाएगी।

  • यह 36 राज्यों/UTs के 784 जिलों (जिसमें 112 आकांक्षी जिले और 500 आकांक्षी ब्लॉक शामिल हैं) को कवर करता है।

  • आकांक्षी ब्लॉकों में 'न्याय सहायक' घर-घर जाकर कानूनी सहायता देंगे। इसे बहुभाषी पहुँच , AI एकीकरण और डिजिटल प्लेटफार्मों के उन्नयन के माध्यम से और बेहतर बनाया जाएगा।

2. न्याय बंधु (Nyaya Bandhu: प्रो-बोनो कानूनी सेवाएं) कार्यक्रम:

  • विधि सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 12 के तहत पात्र व्यक्तियों को अदालत में निःशुल्क (Pro-Bono) कानूनी सहायता और प्रतिनिधित्व।

  • वकीलों और लॉ स्टूडेंट्स (प्रो-बोनो क्लब योजना के तहत) के बीच निःशुल्क सेवा की संस्कृति को बढ़ावा देना।

3. कानूनी साक्षरता एवं कानूनी जागरूकता कार्यक्रम (LLLAP):

  • विभिन्न मंत्रालयों, PSUs, नागरिक समाज संगठनों (CSOs) और विधि विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर ऑनलाइन और ऑफलाइन अभियानों के जरिए जनता में कानूनी साक्षरता फैलाना।

4. विधि संजीवनी (नया घटक):

  • डिजिटल प्लेटफॉर्म: कार्यक्रम की निगरानी और डेटा-आधारित निर्णय लेने के लिए एक केंद्रीकृत एकीकृत डैशबोर्ड होगा जो चारों घटकों से वास्तविक समय के डेटा स्ट्रीम को समेकित करेगा।

  • न्याय सेतु चैटबॉट: कानूनी सवालों के जवाब और डेटा विश्लेषण के लिए AI-संचालित बहुभाषी चैटबॉट (जिसे 'भाषिनी' के सहयोग से विकसित किया गया है)।