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आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित केंद्रीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति (CSMC) की 7वीं बैठक में PMAY-U 2.0 के तहत पात्र शहरी गरीब परिवारों के लिए 2.13 लाख से अधिक अतिरिक्त घरों को मंजूरी प्रदान की गई है।
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इस नवीनतम स्वीकृति के साथ ही PMAY-U 2.0 के तहत स्वीकृत कुल घरों की संख्या 16.13 लाख से अधिक हो गई है।
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नवीनतम 2.13 लाख घरों को 16 राज्यों (राजस्थान) में निम्नलिखित दो प्रमुख वर्टिकल के तहत मंजूरी दी गई है:
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बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन (BLC): 1.89 लाख घर (लाभार्थी द्वारा स्वयं निर्माण)।
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अफोर्डेबल हाउसिंग इन पार्टनरशिप (AHP): 23,602 घर (साझेदारी में किफायती आवास)।
प्रधानमंत्री आवास योजना - शहरी 2.0:
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नोडल मंत्रालय: आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ( MoHUA)।
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मंजूरी: केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा वर्ष 2024 में ।
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अवधि: वित्तीय वर्ष 2024-25 से 2028-29 (5 वर्ष)
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ब्याज सब्सिडी घटक (ISS) 'केंद्रीय क्षेत्रक की योजना' है। शेष अन्य घटक 'केंद्र प्रायोजित योजना' है।
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उद्देश्य: सबके लिए आवास के दृष्टिकोण के साथ देशभर के सभी पात्र शहरी परिवारों को सभी मौसम के अनुकूल पक्के आवास उपलब्ध कराना
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लक्ष्य : 1 करोड़ शहरी गरीब और मध्यम वर्गीय (EWS/LIG/MIG) परिवारों की आवासीय आवश्यकताओं को पूरा करना है।
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लक्षित आय वर्ग:
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आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): वार्षिक आय ₹3 लाख तक।
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निम्न आय वर्ग (LIG): वार्षिक आय ₹3 लाख से ₹6 लाख तक।
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मध्यम आय वर्ग (MIG): वार्षिक आय ₹6 लाख से ₹9 लाख तक।
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योजना के चार स्तंभ :
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लाभार्थी आधारित निर्माण ( BLC): EWS के पात्र परिवारों को अपनी उपलब्ध भूमि पर 45 वर्गमीटर तक के नए पक्के आवास बनाने के लिए ₹2.5 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
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साझेदारी में किफायती आवास (AHP): EWS लाभार्थियों को आवास खरीदने के लिए केंद्र और राज्य एजेंसियों द्वारा ₹2.5 लाख तक की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
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किफायती किराये के आवास (ARHC): EWS और LIG लाभार्थी इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं।
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ब्याज सब्सिडी योजना (ISS): EWS /LIG और MIG श्रेणियों के परिवार इस योजना का लाभ लेने के पात्र है।
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संवैधानिक एवं वैश्विक प्रतिबद्धताएं: अनुच्छेद 21 के तहत "आवास के अधिकार", सतत विकास लक्ष्य-11 तथा SDG -5 को प्राप्त करने ।