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पूर्वोत्तर में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी अवसंरचना का विस्तार (UPSC/RAS)

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चर्चा में क्यों ?

  • 14 जुलाई 2026 को केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शिलांग स्थित उत्तर पूर्व प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग एवं पहुंच केंद्र (NECTAR) में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थानों की समीक्षा की तथा अत्याधुनिक भू-सूचना विज्ञान (Geoinformatics) प्रयोगशाला का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने पूर्वोत्तर में वैज्ञानिक अवसंरचना के विस्तार पर प्रकाश डाला।
  • NECTAR (North East Centre for Technology Application and Reach): विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के अंतर्गत एक स्वायत्त संस्थान है। 
  • इसका उद्देश्य विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी आधारित समाधानों के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत के सामाजिक-आर्थिक विकास, ग्रामीण आजीविका, कृषि, ड्रोन, भू-स्थानिक तकनीक एवं उद्यमिता को बढ़ावा देना है।

प्रमुख तथ्य

  1. 2014 से पहले पूर्वोत्तर में केवल 2 मौसम रडार थे, जो बढ़कर 13 हो गए हैं।
  2. भूकंपीय वेधशालाओं की संख्या 84 से बढ़कर 171 हो गई है।
  3. बिजली गिरने का पता लगाने वाले स्टेशन (Lightning Detection Stations) पहली बार मेघालय एवं त्रिपुरा में स्थापित किए गए हैं।
  4. NECTAR में अत्याधुनिक भू-सूचना विज्ञान (Geoinformatics) प्रयोगशाला का उद्घाटन किया गया।
  5. प्रयोगशाला 17 उन्नत ड्रोन (LiDAR एवं Hyperspectral VTOL सहित) से सुसज्जित है।
  6. ड्रोन आधारित मानचित्रण से 2,000 वर्ग किमी से अधिक क्षेत्र का सर्वेक्षण किया जा चुका है।
  7. स्वामित्व योजना (SVAMITVA) के अंतर्गत 700 से अधिक गांवों का ड्रोन सर्वेक्षण किया गया।
  8. PM-DevINE के तहत लगभग 25,000 किसानों को वैज्ञानिक जैविक कृषि परियोजनाओं से जोड़ा गया।
  9. BARC की तकनीक से वसुंधरा मृदा कार्बनिक कार्बन पहचान प्रयोगशाला स्थापित की गई है।
  10. लगभग 2,500 किसानों को मृदा परीक्षण किट उपलब्ध कराई जा चुकी हैं।
  11. मोबाइल फूड प्रोसेसिंग यूनिट (MPU), NECTAR एवं CSIR-CFTRI द्वारा संयुक्त रूप से विकसित की गई है।
  12. IIT कानपुर के सहयोग से पूर्वोत्तर में 50 STEM प्रयोगशालाएँ स्थापित की जा रही हैं।
  13. इन STEM प्रयोगशालाओं से लगभग 25,000 विद्यार्थी लाभान्वित हुए हैं।
  14. NECTAR ने 569 ड्रोन तकनीशियन, 247 GIS एवं रिमोट सेंसिंग विशेषज्ञ, 107 प्रमाणित ड्रोन पायलट तथा 4,500 से अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया है।
  15. इन पहलों से 190 से अधिक युवाओं के लिए आजीविका के अवसर सृजित हुए हैं।

NECTAR का महत्त्व

  • पूर्वोत्तर में भू-स्थानिक प्रौद्योगिकी, ड्रोन एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के उपयोग को बढ़ावा देता है।
  • कृषि, मृदा स्वास्थ्य, खाद्य प्रसंस्करण एवं जैविक खेती को वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है।
  • आपदा प्रबंधन, वन कार्बन आकलन एवं जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
  • स्वामित्व योजना एवं PM-DevINE जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में सहायता करता है।
  • आत्मनिर्भर भारत एवं विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को तकनीकी आधार प्रदान करता है।