चर्चा में क्यों ?
- 14 जुलाई 2026 को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (CeNS), बेंगलुरु के वैज्ञानिकों ने कमरे के तापमान पर कार्य करने वाला अति-संवेदनशील अमोनिया (NH₃) गैस सेंसर विकसित किया। यह सेंसर अत्यंत कम सांद्रता पर भी विषैली अमोनिया गैस का पता लगाने में सक्षम है।
- अमोनिया सेंसर: यह VOx/VS₂ (वैनेडियम ऑक्साइड–वैनेडियम सल्फाइड) हेटरोस्ट्रक्चर पर आधारित एक उन्नत गैस सेंसर है, जो कमरे के तापमान पर कार्य करते हुए 319 पार्ट्स प्रति बिलियन (ppb) तक की अत्यंत कम अमोनिया सांद्रता का पता लगा सकता है। इसे पोर्टेबल, स्व-संचालित (Self-powered) एवं पहनने योग्य (Wearable) उपकरणों के रूप में भी विकसित किया गया है।
प्रमुख विशेषताएँ
- विकास: सेंटर फॉर नैनो एंड सॉफ्ट मैटर साइंसेज (CeNS), बेंगलुरु
- 319 ppb जैसी अत्यंत कम अमोनिया सांद्रता का पता लगाने में सक्षम।
- कमरे के तापमान पर कार्य करता है; उच्च तापमान की आवश्यकता नहीं।
- VOx/VS₂ हेटरोस्ट्रक्चर आधारित नैनोमैटेरियल का उपयोग।
- उच्च संवेदनशीलता एवं चयनात्मकता के साथ 10 सप्ताह से अधिक स्थिर प्रदर्शन।
- थ्रेशोल्ड-ट्रिगर मॉनिटरिंग सिस्टम गैस स्तर को सुरक्षित, चेतावनी एवं खतरा श्रेणियों में वर्गीकृत करता है।
- पीजोइलेक्ट्रिक नैनोजेनरेटर के साथ एकीकृत होकर स्व-संचालित रूप में कार्य करता है।
- पॉलिमर, कागज एवं वस्त्र पर आधारित लचीले एवं पहनने योग्य संस्करण भी विकसित किए गए।
महत्त्व
- उद्योगों, प्रयोगशालाओं एवं कृषि क्षेत्रों में अमोनिया रिसाव की शीघ्र पहचान करेगा।
- कार्यस्थल सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य को मजबूत करेगा।
- स्मार्ट बैंड, ई-टेक्सटाइल एवं स्मार्ट-होम चेतावनी प्रणाली के विकास को बढ़ावा देगा।
- बाहरी विद्युत स्रोत के बिना कार्य करने से दूरस्थ क्षेत्रों में भी उपयोग संभव होगा।
- भारत में नैनोप्रौद्योगिकी एवं पहनने योग्य इलेक्ट्रॉनिक्स के विकास को गति मिलेगी।