उत्तर:
- अकबर द्वारा 1575 ई. में फतेहपुर सीकरी के दीवान-ए-खास में इबादत खाना की स्थापना की गई। यहाँ मुस्लिम विद्वानों के साथ-साथ हिंदू (देवी सिंह, पुरुषोत्तम), पारसी (दस्तूर मेहरजी राणा), जैन (हरीविजय सूरी, जिनचन्द्र सूरी), ईसाई धर्म (एक्कावीवा, मोन्सेरात) के विद्वानों को आमंत्रित कर धार्मिक चर्चाओं का आयोजन किया गया। इन चर्चाओं में उसे अनुभव हुआ कि सभी धर्मों में कुछ अच्छाइयाँ विद्यमान हैं लेकिन असमानताएँ लोगों में असहिष्णुता व अलगाव को बढ़ावा देती हैं।
- अतः सभी धर्मों के उत्तम सिद्धांतों को मिलाकर 1582 ई. को दीन-ए-इलाही / तौहीद-ए-इलाही विचारधारा / आचार संहिता की नींव रखी गई जिसका मुख्य उद्देश्य समाज में सद्भाव, सहिष्णुता,नैतिकता व शांति को बढ़ावा देकर साम्राज्य को एकीकृत व सशक्त करना था।