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➔ IIT जोधपुर के वैज्ञानिकों ने वेल्डिंग विज्ञान तकनीक को दिया नया आयाम (RAS/PSI)

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  • शोध नेतृत्व: प्रोफेसर राहुल छिब्बर (मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग)
  • मुख्य उद्देश्य: परमाणु रिएक्टरों, ताप विद्युत संयंत्रों, ऊर्जा पाइपलाइनों और पुलों जैसी महत्त्वपूर्ण औद्योगिक संरचनाओं को अधिक सुरक्षित, मजबूत और टिकाऊ बनाने के लिए उन्नत वेल्डिंग प्रौद्योगिकियों और सामग्रियों का विकास करना।
  • राष्ट्र की आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करने वाला विज्ञान- उन्नत सामग्री विज्ञानकम्प्यूटेशनल मॉडलिंगसतत विनिर्माण तथा प्रयोगात्मक धातुकर्म के समन्वय के माध्यम से आईआईटी जोधपुर का वेल्डिंग एंड जॉइनिंग रिसर्च ग्रुप न केवल मूलभूत वैज्ञानिक प्रश्नों का समाधान कर रहा हैबल्कि भारत की आर्थिक प्रगति एवं तकनीकी आत्मनिर्भरता के लिए आवश्यक व्यावहारिक इंजीनियरिंग समाधान भी विकसित कर रहा है।

  1. अगली पीढ़ी की वेल्डिंग सामग्रियों का विकास-
    • शोध समूह द्वारा शील्डेड मेटल आर्क वेल्डिंग (SMAW) और सबमर्ज्ड आर्क वेल्डिंग (SAW) प्रक्रियाओं के लिए उन्नत वेल्डिंग फ्लक्स तथा इलेक्ट्रोड कोटिंग्स विकसित की जा रही हैं।  
    • पर्यावरण-अनुकूल प्राकृतिक खनिजों जैसे- रेड ओखर का उपयोग कर टिकाऊ वेल्डिंग इलेक्ट्रोड तैयार किए जा रहे हैं।
  1. असमान धातुओं की वेल्डिंग-
    • डुप्लेक्स स्टेनलेस स्टील, इनकोनेल (Inconel) जैसे निकेल-आधारित सुपरएलॉय, तथा उच्च-प्रदर्शन पाइपलाइन स्टील की वेल्डिंग से जुड़ी जटिल चुनौतियों (जैसे अवशिष्ट तनाव और कार्बन माइग्रेशन) का समाधान किया जा रहा है।
  1. उच्च प्रदर्शन वाले समग्र पदार्थ-
    • समुद्री एवं अपतटीय वातावरण के लिए फाइबर-प्रबलित पॉलिमर नैनो-कॉम्पोज़िट्स (विशेषकर ग्लास फाइबर रिइन्फोर्स्ड पॉलिमर-क्ले नैनो-कॉम्पोज़िट्स) पर शोध किया जा रहा है ताकि नमी और तापमान के प्रभाव से निपटने वाले हल्के और मजबूत पदार्थ विकसित हो सकें।