केंद्रीय वित्त मंत्रालय की व्यय वित्त समिति ने इस दूसरे चरण के लिए ₹1.25 लाख करोड़ ($1.25 trillion) के बजट प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
घोषणा : केंद्रीय बजट 2026-27
उद्देश्य: घरेलू स्तर पर एक संपूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम (चिप फैब्रिकेशन, असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग ) विकसित करना और आपूर्ति हासिल करना है।
ISM 2.0 : प्रमुख स्तंभ
घरेलू आपूर्ति श्रृंखला : चिप बनाने में उपयोग होने वाले रसायन, गैस, सिलिकॉन सिल्लियाँ (Ingots) और मशीनों का देश में उत्पादन बढ़ाना।
स्वदेशी चिप डिज़ाइन : भारत की अपनी चिप तकनीक (IP) विकसित कर विदेशी निर्भरता कम करना।
उन्नत चिप निर्माण : 2029 तक देश की 70–75% चिप मांग भारत में ही पूरी करना तथा 2035 तक 3nm–2nm जैसी उन्नत तकनीक विकसित करना।
अनुसंधान व कौशल विकास : R&D को बढ़ावा देना और कुशल मानव संसाधन तैयार करना।
Fabless स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन : चिप डिज़ाइन करने वाले स्टार्टअप्स को डिज़ाइन से लेकर बाज़ार तक सहायता देना।
ISM 1.0 व ISM 2.0 : पहले चरण (दिसंबर 2021) में ₹76,000 करोड़ का बजट आवंटित किया गया था। ISM 2.0 में इस राशि को बढ़ाकर ₹1.25 लाख करोड़ किया गया है,
मुख्य फोकस क्षेत्र : स्वदेशी बौद्धिक संपदा , सेमीकंडक्टर सामग्री, और कैपिटल इक्विपमेंट (मशीनरी) पर जोर देना है।
मंत्रालय :इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY)