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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय (पीयूष गोयल) द्वारा LEADS - 2025 रिपोर्ट का सातवां संस्करण जारी किया गया है।
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तैयार: उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (DPIIT) द्वारा
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शुरुआत: इसे 2018 में विश्व बैंक के लॉजिस्टिक्स परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPI) की तर्ज पर तैयार किया गया था।
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रिपोर्ट देश भर में रसद दक्षता में सुधार के लिए एक महत्वपूर्ण मानक के रूप में कार्य करती है।
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प्रमुख विशेषताएँ
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आकलन को अधिक मजबूत बनाने के लिए मापने योग्य और वस्तुनिष्ठ संकेतकों को लगभग 59% का भारांक दिया गया है।
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चार-स्तरीय वर्गीकरण प्रणाली: लीड्स 2025 ने अपनी पुरानी 3-स्तरीय प्रणाली को 4-स्तरीय प्रदर्शन फ्रेमवर्क में बदल दिया है।
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प्रदर्शन श्रेणी (Performance Category) |
तटीय राज्य (Coastal States) |
भू-बद्ध राज्य (Landlocked States) |
उत्तर-पूर्वी राज्य (North-Eastern States) |
केंद्र शासित प्रदेश (Union Territories) |
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1. मिसाल (Exemplars): निरंतर उत्कृष्टता प्रदर्शित करते हुए सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर रहे हैं |
तमिलनाडु |
उत्तर प्रदेश |
मिजोरम |
दिल्ली |
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2. उच्च प्रदर्शन वाले राज्य (High Performers): मजबूत और लगातार परिणाम प्रदर्शित करते हैं |
गुजरात, केरल, महाराष्ट्र |
हरियाणा, तेलंगाना, छत्तीसगढ़, बिहार |
त्रिपुरा, मेघालय |
जम्मू और कश्मीर, पुडुचेरी |
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3. उत्प्रेरक (Accelerators):हालिया वर्षों में शानदार प्रगति और सुधार की स्पष्ट दिशा प्रदर्शित की है |
आंध्र प्रदेश, ओडिशा, गोवा, कर्नाटक |
पंजाब, झारखंड, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश |
नगालैंड, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, असम |
दादरा एवं नगर हवेली और दमन एवं दीव, चंडीगढ़, लद्दाख, लक्षद्वीप |
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4. प्रगति खोजने वाले (Growth-Seekers): रसद प्रणाली के विकास और संस्थागत सुदृढ़ीकरण के शुरुआती चरण में |
पश्चिम बंगाल |
राजस्थान |
सिक्किम |
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह |