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लोकायन 2026 : Sail4th 250 समारोह में भाग लेने के लिए आईएनएस सुदर्शिनी न्यूयॉर्क पहुँचा (UPSC/RAS/PSI)

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चर्चा में क्यों ?

  • भारतीय नौसेना का प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी 4 जुलाई 2026 को संयुक्त राज्य अमेरिका के न्यूयॉर्क बंदरगाह पहुँचा, जहाँ उसने International Naval Review 250 तथा Sail4th 250 (सेल4थ 250) समारोह में भारत का प्रतिनिधित्व किया।
  • आईएनएस सुदर्शिनी भारतीय नौसेना का तीन मस्तूलों (Three-Masted) वाला प्रशिक्षण पोत है।
  • यह यात्रा 10 माह के वैश्विक समुद्री अभियान "लोकायन 2026" का हिस्सा है।
  • हडसन नदी पर आयोजित Parade of Sail में पोत ने भारतीय तिरंगा फहराकर भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रदर्शन किया।
  • इससे पहले आईएनएस सुदर्शिनी नॉरफ़ॉक और बाल्टीमोर में आयोजित Sail4th 250 कार्यक्रमों में भी भाग ले चुका है।
  • वर्तमान में यह ब्रुकलिन, न्यूयॉर्क में आयोजित Sail 250 समारोह में भाग ले रहा है।

लोकायन 2026 क्या है?

  • लोकायन 2026 भारतीय नौसेना का 10 माह का वैश्विक समुद्री अभियान है, जिसका उद्देश्य समुद्री सहयोग  को मजबूत करना।
  • मित्र देशों के साथ रक्षा एवं नौसैनिक संबंधों को गहरा करना।
  • भारत की समुद्री विरासत और संस्कृति का वैश्विक स्तर पर प्रदर्शन करना।
  • सद्भावना, सहयोग और कूटनीतिक संबंधों को बढ़ावा देना।

Sail4th 250 क्या है?

  • Sail4th 250 संयुक्त राज्य अमेरिका की स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय समुद्री समारोह है।
  • इसमें विभिन्न देशों की नौसेनाएँ अपने युद्धपोत एवं प्रशिक्षण पोत भेजकर भाग लेती हैं।
  • इसका उद्देश्य समुद्री सहयोग, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और अंतरराष्ट्रीय मित्रता को बढ़ावा देना है।

महत्व

  1. भारत–अमेरिका समुद्री एवं रक्षा सहयोग को नई मजबूती मिली।
  2. भारतीय नौसेना की वैश्विक उपस्थिति और समुद्री कूटनीति (Naval Diplomacy) को बढ़ावा मिला।
  3. भारत की समुद्री परंपरा और सॉफ्ट पावर का अंतरराष्ट्रीय प्रदर्शन हुआ।
  4. हिंद-प्रशांत और वैश्विक समुद्री सहयोग में भारत की सक्रिय भूमिका को बल मिला।