- राजस्थान में नवजात स्वास्थ्य सुधार के मुख्य कारण -
- संस्थागत सहयोग : 6 'स्टेट न्यूबॉर्न रिसोर्स सेंटर' के माध्यम से स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट्स (SNCU) की मॉनिटरिंग और मेंटरिंग।
- प्रशिक्षण : डॉक्टरों व स्टाफ को 'फैमिली पार्टिसिपेटरी केयर', 'नियोनेटल केयर' और 'CPAP' सपोर्ट जैसी उन्नत तकनीक में ट्रेनिंग।
- सघन फॉलो-अप : प्रीटर्म व कम वजन वाले शिशुओं के लिए HBNC (Home Based Newborn Care) और HBYC (Home Based Young Child Care) के तहत घर-घर जाकर निगरानी।
- पीडियाट्रिक इंफ्रास्ट्रक्चर : जिला अस्पतालों में 41 डेडिकेटेड पीडियाट्रिक यूनिट्स की स्थापना।
- NFHS - 6 बनाम NFHS - 5 : प्रमुख स्वास्थ्य सूचकांकों में सुधार
| स्वास्थ्य सूचकांक | NFHS-5 (2019-21) | NFHS-6 (2023-24) |
| बच्चों में डायरिया का फैलाव | 6.1% | 5.8% |
| एक्यूट रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन | 2.9% | 1.7% |
| ARI के लिए देखभाल | 71.1% | 74.7% |
| जन्म के 2 दिन के भीतर देखभाल | 86.9% | 89.6% |
| शुरुआती हेल्थ चेकअप (24 घंटे के अंदर) | 1.3% | 4.0% |
| Note : ब्रेस्टफीडिंग : छह महीने तक विशेष स्तनपान दर 98.1% के उच्च स्तर पर बरकरार। |
Source : PIB