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NIDAR 2.0 (National Innovation Challenge for Drone Application and Research) (UPSC/RAS)

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चर्चा में क्यों ?

  • 13 जुलाई 2026 को इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने ड्रोन फेडरेशन इंडिया (DFI) के सहयोग से SwaYaan पहल के अंतर्गत NIDAR 2.0 (2026–27) का शुभारंभ किया। 
  • NIDAR 2.0: एक राष्ट्रीय नवाचार प्रतियोगिता है, जिसका उद्देश्य छात्रों एवं नवाचारकर्ताओं को स्वदेशी ड्रोन, ड्रोन कंपोनेंट्स एवं ऑटोनॉमस सिस्टम विकसित करने के लिए मंच प्रदान करना है।

प्रमुख विशेषताएँ

  1. MeitY एवं Drone Federation India (DFI) द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित।
  2. SwaYaan पहल के अंतर्गत NIDAR का दूसरा संस्करण लॉन्च किया गया।
  3. कुल पुरस्कार राशि ₹65 लाख से अधिक निर्धारित की गई है।
  4. विजेता टीमों को स्टार्टअप इनक्यूबेशन, क्लाउड क्रेडिट, सॉफ्टवेयर सपोर्ट एवं कॉर्पोरेट इंटर्नशिप भी प्रदान की जाएगी।
  5. ट्रैक-1 (Drone Innovation) में पूर्णतः स्वायत्त (Autonomous) स्वार्म ड्रोन विकसित करने की चुनौती दी गई है।
  6. ड्रोन को बिना GPS एवं बिना बाहरी संचार नेटवर्क के कार्य करने में सक्षम बनाना होगा।
  7. ट्रैक-2 (Component Innovation) में VEGA Processor आधारित स्वदेशी फ्लाइट कंट्रोलर एवं ऑटोपायलट विकसित किए जाएंगे।
  8. शीर्ष 100 टीमों को विकास एवं परीक्षण हेतु VEGA Processor Kits उपलब्ध कराई जाएंगी।
  9. VEGA Processor को C-DAC ने Digital India RISC-V (DIR-V) कार्यक्रम के तहत विकसित किया है।
  10. VEGA एक ओपन-स्टैंडर्ड RISC-V Architecture आधारित स्वदेशी माइक्रोप्रोसेसर श्रृंखला है।
  11. NIDAR 2.0 का उद्देश्य स्वदेशी ड्रोन इलेक्ट्रॉनिक्स एवं एवियोनिक्स को बढ़ावा देना है।
  12. इस पहल से नागरिक एवं रक्षा दोनों क्षेत्रों के लिए स्वदेशी ड्रोन तकनीक को मजबूती मिलेगी।

SwaYaan पहल

  • SwaYaan का शुभारंभ जुलाई 2022 में MeitY द्वारा किया गया।
  • उद्देश्य: ड्रोन एवं Unmanned Aircraft System (UAS) क्षेत्र में कुशल मानव संसाधन तैयार करना है।
  • इस योजना पर 5 वर्षों में लगभग ₹89.87 करोड़ व्यय किए जाएंगे।
  • यह 30 प्रमुख संस्थानों (IISc, IITs, IIITs, NITs, C-DAC, NIELIT आदि) के Hub-and-Spoke Model पर आधारित है।
  • अब तक 51,000 से अधिक लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

NIDAR 2.0 का महत्त्व

  1. आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी ड्रोन पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देगा।
  2. भारतीय चिप (VEGA) आधारित ड्रोन विकसित कर आयात निर्भरता कम करेगा।
  3. रक्षा एवं नागरिक दोनों क्षेत्रों में ड्रोन नवाचार को गति देगा।
  4. स्टार्टअप, अनुसंधान एवं कौशल विकास को प्रोत्साहित करेगा।
  5. विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप उभरती प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देगा।