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हाल ही में भारत सरकार के युवा मामले एवं खेल मंत्रालय द्वारा ‘माई भारत’ (MY Bharat) अभियान के माध्यम से देश भर में 'वंदे मातरम शिविरों' के आयोजन की घोषणा की गई है।
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उद्देश्य: युवाओं में राष्ट्रीय एकता, संवैधानिक मूल्यों और नेतृत्व क्षमता का विकास करना है।
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युवाओं में भारत की संवैधानिक और लोकतांत्रिक परंपराओं की गहरी समझ विकसित करना।
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सांस्कृतिक आत्मविश्वास, नागरिक जिम्मेदारी और सामाजिक उत्तरदायित्व को बढ़ावा देना।
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'विकसित भारत-2047' के विजन के अनुरूप एक सूचित, जिम्मेदार और राष्ट्र-उन्मुख युवा नेतृत्व की पीढ़ी तैयार करना।
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डिजिटल साक्षरता और सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से समकालीन युवाओं की चिंताओं का समाधान करना।
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प्रथम शिविर का आयोजन: पहला 7 दिवसीय आवासीय शिविर 24 से 30 जून तक पश्चिम बंगाल के कोलकाता में आयोजित किया जा रहा है।
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अवसर: यह आयोजन महान साहित्यकार बंकिम चंद्र चटर्जी की जयंती के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।
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कुल शिविर: देश के चयनित जिलों में कुल 20 शिविर आयोजित किए जाएंगे।
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प्रतिभागी संख्या: प्रत्येक शिविर में 15 से 29 वर्ष की आयु के 150 युवा प्रतिभागी शामिल होंगे।
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प्रतिनिधित्व:
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प्रत्येक शिविर में 6 राज्यों के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
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पूर्वोत्तर (North-East) राज्यों का प्रतिनिधित्व अनिवार्य किया गया है।
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महिलाओं तथा सामाजिक रूप से वंचित वर्गों की कम से कम 50 प्रतिशत भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।
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आयोजित की जाने वाली प्रमुख गतिविधियाँ
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वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व और भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में इसकी भूमिका पर सत्र।
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संविधान और नागरिक कर्तव्यों पर विषयगत (Thematic) चर्चा। (संविधान के अनुच्छेद 51A के तहत मौलिक कर्तव्यों के प्रति जागरूकता)
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भाषा, भोजन और खेलों के माध्यम से 'सांस्कृतिक आदान-प्रदान'।
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ऐतिहासिक महत्व के स्थलों का भ्रमण।
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'राष्ट्र प्रथम संवाद', तात्कालिक भाषण सत्र।
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सरकार की प्रमुख (Flagship) पहलों पर चर्चा और सामुदायिक लामबंदी कार्यशालाएं।
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