Menu

'प्रगति' (PRAGATI) प्रोजेक्ट

Read in:
  • केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 जुलाई 2026 को राष्ट्रीय पहल 'प्रगति' (PRAGATI) का शुभारंभ किया

  • उद्देश्य: भारत में समावेशी, टिकाऊ और जलवायु-संवेदनशील कृषि परिवर्तन लाना है।

लक्ष्य:

  • कृषि-उद्यमियों का निर्माण: देश के 20 हजार ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित कर उन्हें 'कृषि-उद्यमी' के रूप में विकसित करना।

  • किसानों का सशक्तिकरण: देश भर के 20 लाख छोटे और सीमांत किसानों की उत्पादकता, आजीविका और आय में सुधार करना।

  • आय और उपज में वृद्धि: किसानों की आय में न्यूनतम 30% की वृद्धि करना और धान, मक्का व आलू जैसी प्रमुख फसलों की उपज में 15-20% की वृद्धि का लक्ष्य हासिल करना।

  • पुनर्योजी कृषि (Regenerative Agriculture): इस पहल में भाग लेने वाले कम से कम 20% किसानों को पुनर्योजी कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना।

  • लक्षित राज्य: यह पहल मुख्य रूप से 8 प्रमुख कृषि राज्यों— मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम और झारखंड में लागू की जाएगी।

  • बहु-साझेदार गठबंधन (Multi-stakeholder Partnership): इसे निजी क्षेत्र के नेतृत्व वाले सबसे बड़े कृषि-उद्यमिता कार्यक्रम के रूप में देखा जा रहा है। इसमें पेप्सिको फाउंडेशन, SBI फाउंडेशन, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउंडेशन, IDH, हेफ़र इंटरनेशनल (Heifer International), एनवायरनमेंटल डिफेंस फंड (EDF), AEGF और TRIF जैसी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थाएँ शामिल हैं।

  • AEGF की भूमिका: यह कार्यक्रम एग्री-एंटरप्रेन्योर ग्रोथ फाउंडेशन (AEGF) द्वारा पहले से तैयार किए गए 26,000 कृषि-उद्यमियों के नेटवर्क के अनुभवों पर आधारित है।

योजना की प्रमुख रणनीतियां:

  • कृषि-उद्यमियों की भूमिका: ये युवा उद्यमी गांव स्तर पर किसानों को वैज्ञानिक सलाह, मिट्टी परीक्षण, मशीन सेवाएं, बाजार संपर्क और वित्तीय समावेशन की सुविधाएं उपलब्ध कराएंगे।

  • वैल्यू एडिशन और विविधीकरण: केवल पारंपरिक खेती के बजाय बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन जैसे क्षेत्रों (Crop Diversification) और प्रसंस्करण पर जोर दिया जाएगा।

  • महिला सशक्तिकरण: इस पहल में महिला किसानों की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी। बड़ी संख्या में "कृषि सखी" और महिला उद्यमी इस ग्रामीण बदलाव की धुरी बनेंगी।

  • प्रौद्योगिकी का उपयोग: उत्पादन लागत घटाने के लिए ड्रोन, डिजिटल सलाह, मशीनीकरण और वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा।