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राजस्थान की प्रथम' मल्टी-लेन फ्री फ्लो' (MLFF) टोलिंग प्रणाली : दौलतपुरा (NH-48) में शुभारंभ (RAS/PSI)

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  • पहल : NHAI द्वारा मल्टी-लेन फ्री फ्लो आधारित टोलिंग प्रणाली का कार्यान्वयन।
  • स्थल : दौलतपुरा टोल प्लाजा (NH-48 का दिल्ली-जयपुर खंड), राजस्थान।
  • महत्व : यह राजस्थान का प्रथम टोल प्लाजा है जहाँ यह प्रणाली लागू की गई है।
  • भविष्य की योजना : NHAI अब शाहजहांपुर और मनोहरपुर टोल प्लाजा को भी इसी प्रणाली में परिवर्तित करेगा।
  • तकनीकी कार्यप्रणाली : यह प्रणाली स्वचालित नंबर प्लेट पहचान (ANPR) तकनीक को FASTag आधारित इलेक्ट्रॉनिक टोल संग्रह प्रणाली के साथ एकीकृत करती है।
  • प्रमुख लाभ -
  • वाहनों को टोल पर रुकने की आवश्यकता नहीं (शून्य प्रतीक्षा समय)।
  • यातायात का सुचारू प्रवाह, ईंधन की बचत और वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी।
  • ई-नोटिस नियम : यदि FASTag में शेष राशि अपर्याप्त है या अमान्य है, तो वाहन मालिक को ई-नोटिस जारी किया जाएगा।
  • भुगतान सीमा: ई-नोटिस जारी होने के 72 घंटों के भीतर भुगतान अनिवार्य है।
  • दंड : 72 घंटे बाद भुगतान न होने पर सामान्य शुल्क का दोगुना उपयोगकर्ता शुल्क वसूला जाएगा।
  • नोट : भुगतान न करने पर FASTag को ब्लैकलिस्ट किया जा सकता है और VAHAN प्लेटफॉर्म पर अन्य सेवाओं पर प्रतिबंध लग सकता है। 
  • कार्यान्वयन की स्थिति (देशव्यापी) : NHAI  ने राजस्थान के दौलतपुरा (दिल्ली-जयपुर) के अतिरिक्त निम्नलिखित स्थानों पर भी इस प्रणाली को सफलतापूर्वक लागू किया है-
  • गुजरात : NH-48 के सूरत-भरूच खंड पर स्थित 'चोरायासी टोल प्लाजा'
  • दिल्ली : अर्बन एक्सटेंशन रोड-II पर स्थित 'मुंडका बक्करवाला टोल प्लाजा'
  • मुख्य विशेषताएं एवं लाभ

  • डिजिटल अवसंरचना : यह प्रणाली डिजिटल राष्ट्रीय राजमार्ग अवसंरचना के विकास की एक बड़ी उपलब्धि है।
  • समय और ईंधन की बचत : 'शून्य प्रतीक्षा समय' के कारण यात्रियों का समय बचता है और ईंधन दक्षता में वृद्धि होती है।
  • पर्यावरण संरक्षण : टोल प्लाजा पर वाहनों के रुकने और पुनः चलने की प्रक्रिया कम होने से वाहनों से होने वाले उत्सर्जन में कमी आती है।