विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के स्वायत्त संस्थान रमन रिसर्च इंस्टीट्यूट (RRI), बेंगलुरु के शोधकर्ताओं ने तापमान में अचानक बदलाव (Thermal Shock) के माध्यम से जाम/फंसे हुए सिस्टम की स्ट्रक्चरल रिकवरी को नियंत्रित करने की विधि विकसित की, जिससे भविष्य में ड्रग डिलीवरी जैसे क्षेत्रों में मदद मिल सकती है।
मुख्य अवधारणा — कांच जैसी प्रणालियों में ठोस पदार्थों जैसी यांत्रिक विशेषताएँ लेकिन तरल जैसी अव्यवस्थित संरचना होती है तथा इनमें Memory Imprints बने रह सकते हैं।
स्ट्रक्चरल रिकवरी — किसी पदार्थ/संरचना का बहते हुए अपनी न्यूनतम ऊर्जा वाली अवस्था की ओर पुनः व्यवस्थित होने की प्रक्रिया।
प्रयोग में सामग्री — शोधकर्ताओं ने माइक्रोजेल कणों का उपयोग किया, जो अपने भार से लगभग 300–500 गुना अधिक पानी सोख सकते हैं तथा डायपर और सैनिटरी नैपकिन में उपयोग किए जाते हैं।
मुख्य खोज — तापमान बढ़ाने और घटाने के दौरान सिस्टम का व्यवहार Path-dependent पाया गया, अर्थात अंतिम अवस्था केवल शुरुआती और अंतिम तापमान पर नहीं बल्कि तापमान परिवर्तन के दौरान अपनाए गए रास्ते पर भी निर्भर करती है।
थर्मल शॉक का प्रभाव — तापमान बढ़ने की दर अचानक बढ़ाने पर माइक्रोजेल कणों ने पुनः व्यवस्था की और जाम सिस्टम कुछ समय के लिए तरल जैसी अवस्था में आ गया।
महत्त्व — अचानक तापमान परिवर्तन से सिस्टम की पूर्व तापीय प्रक्रिया की Memory मिटाई जा सकती है तथा असमान शिथिलता (Heterogeneous Relaxation) को नियंत्रित किया जा सकता है।
ड्रग डिलीवरी में उपयोग — माइक्रोजेल को कम तापमान पर दवा से लोड किया जा सकता है, 34°C से ऊपर तापमान होने पर इनके सिकुड़ने से लक्षित स्थान, जैसे ट्यूमर, पर दवा छोड़ी जा सकती है।
लाभ — लक्षित एवं नियंत्रित दवा रिलीज से दवाओं के साइड इफेक्ट कम करने में सहायता मिल सकती है।
प्रमुख संस्थान — Raman Research Institute (RRI), बेंगलुरु, शोधार्थी सोनाली कवाले प्रमुख शोधकर्ता/पेपर की प्रथम लेखिका तथा रंजिनी बंद्योपाध्याय सह-लेखिका।
शोध-पत्रिका — Journal of Colloid and Interface Science।