चर्चा में क्यों ?
- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) ने दूरसंचार अधिनियम, 2023 के तहत प्रसारण सेवाओं के लिए दूरसंचार (टेलीविजन, रेडियो एवं संबंधित सेवाएँ) नियम, 2026 का मसौदा जारी किया।
- उद्देश्य: सभी प्रसारण सेवाओं को एकीकृत नियामक ढाँचे के अंतर्गत लाना।
- कवरेज: सैटेलाइट टीवी, डीटीएच, हेडएंड-इन-द-स्काई (HITS), निजी एफएम रेडियो, सामुदायिक रेडियो और इंटरनेट प्रोटोकॉल टेलीविजन (IPTV) सहित 6 मौजूदा नीतिगत ढाँचों का एकीकरण।
- छूट प्राप्त संस्थाएँ: संसद टीवी एवं प्रसार भारती।
- निगरानी: प्रसारण सेवाओं के लिए कड़े अनुपालन एवं निगरानी प्रावधान।
- जनहित प्रसारण: निजी टीवी चैनलों को प्रतिदिन 30 मिनट तथा निजी एफएम रेडियो को 1 घंटा (जिसमें 20% स्थानीय सामग्री) शिक्षा, कृषि आदि विषयों पर प्रसारित करना अनिवार्य।
- नवीनीकरण: 5 से अधिक नियम उल्लंघन करने वाले प्रसारक लाइसेंस नवीनीकरण के लिए अयोग्य होंगे।
- स्वामित्व परिवर्तन: शेयरधारिता/प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में बदलाव हेतु पूर्व सरकारी स्वीकृति, सुरक्षा मंजूरी और 30 दिन पूर्व सूचना आवश्यक।
लाइसेंस अवधि:
- टीवी चैनल, टेलीपोर्ट एवं सामुदायिक रेडियो – 10 वर्ष।
- निजी एफएम रेडियो – 15 वर्ष।
- डीटीएच एवं HITS सेवाएँ – 20 वर्ष।
दंड: नियमों के उल्लंघन पर नागरिक दंड, बैंक गारंटी जब्त, लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण का प्रावधान।