- प्रमुख व्यक्तित्व : जनार्दन भट्ट गोस्वामी (17वीं शताब्दी के जयपुर के बहुमुखी प्रतिभा धनी एवं असाधारण विद्वान)।
- विषय वस्तु : संस्कृत साहित्य, आयुर्वेद, तंत्र-मंत्र, ज्योतिष और पशु-चिकित्सा पर रचित ऐतिहासिक ग्रंथ और आमेर राजघराने से उनका संबंध।
- पारिवारिक पृष्ठभूमि एवं गोत्र -
- जनार्दन भट्ट का जन्म आत्रेय गोत्र के गोस्वामी परिवार में हुआ था।
- वे कृष्ण-यजुर्वेद की तैत्तिरीय-आपस्तंब शाखा के प्रकांड विद्वान थे।
- उनके पिता 'जगन्निवास भट्ट' प्रतिष्ठित राजगुरु थे, और बड़े भाई 'शिवानंद गोस्वामी' श्रीविद्या एवं तांत्रिक परंपरा के विख्यात आचार्य थे।
- आमेर राजघराने से ऐतिहासिक संबंध : आमेर के महाराजा सवाई बिशन सिंह ने अपने राज्याभिषेक के अवसर पर जनार्दन भट्ट को 'रामचंद्रपुरा ग्राम' जागीर के रूप में प्रदान किया था।
- रोचक ऐतिहासिक प्रसंग ('तनै कांई भाटा दैवां?') -
- पट्टा तैयार करने वाले लेखक को जब इनाम (रिश्वत) नहीं मिला, तो उसने चालाकी से उपजाऊ ग्राम के नाम के आगे ‘कूकरवाड़ी’ (पथरीली और ऊसर भूमि) जोड़ दिया।
- इस पर जनार्दन भट्ट ने व्यंग्य में कहा था— “तनै कांई भाटा दैवां?” (तुम्हें क्या पत्थर दूँ?)
- परिणामस्वरूप उन्हें 'रामचंद्रपुरा-कूकरवाड़ी' नामक पथरीली जमीन मिली, जिसे आज जयपुर में 'रामचंद्रपुरा औद्योगिक क्षेत्र' के नाम से जाना जाता है।
- साधना स्थली: गोस्वामी जी ने इसी ऊसर गांव को अपनी साधना स्थली बनाया, पहाड़ी के नीचे कुंड का निर्माण करवाया और तपस्या की।
| जनार्दन भट्ट गोस्वामी की प्रमुख कालजयी रचनाएं | |
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विषय |
रचित प्रमुख ग्रंथ |
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आयुर्वेद |
वैद्यरत्नम् |
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पशु-चिकित्सा (हाथियों की चिकित्सा) |
हस्तिका-शालिहोत्रम् |
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ज्योतिष और कालनिर्णय |
कालविवेकः |
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धर्म एवं न्याय |
व्यवहारनिर्णयः |
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तांत्रिक साधना |
मन्त्रचन्द्रिका |
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श्रीविद्या उपासना |
ललितार्चाकौमुदी |
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कामशास्त्र |
कामप्रमोदः |
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शृंगार काव्य |
शृंगारशतकम् |
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विरक्ति काव्य |
वैराग्यशतकम् |
♦ अभ्यास प्रश्न: 17वीं शताब्दी के जयपुर के विख्यात विद्वान 'जनार्दन भट्ट गोस्वामी' के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए ?
- इन्हें आमेर के महाराजा सवाई बिशन सिंह ने अपने राज्याभिषेक पर रामचंद्रपुरा ग्राम जागीर के रूप में प्रदान किया था।
- इन्होंने हाथियों की चिकित्सा और पालन पर 'हस्तिका-शालिहोत्रम्' नामक महत्वपूर्ण ग्रंथ की रचना की।
- 'वैद्यरत्नम्' और 'कामप्रमोदः' इनके द्वारा रचित क्रमशः आयुर्वेद और कामशास्त्र के प्रसिद्ध ग्रंथ हैं।
उपर्युक्त में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
(A) केवल 1 और 2
(B) केवल 2 और 3
(C) केवल 1 और 3
(D) 1, 2 और 3
सही उत्तर: (D) 1, 2 और 3
