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ग्लोबल लिवेबिलिटी इंडेक्स 2026 (UPSC/RAS/PSI)
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- सूचकांक जारीकर्ता: Economist Intelligence Unit (EIU)
- कुल शहर: 173
- शीर्ष शहर: कोपेनहेगन (डेनमार्क)
- भारतीय शहरों में सर्वोच्च रैंक: नई दिल्ली (120वाँ)
- लगातार दूसरे वर्ष शीर्ष स्थान: कोपेनहेगन
उद्देश्य
- विश्व के शहरों की रहने योग्य (Liveability) स्थिति का आकलन करना।
- सरकारों, निवेशकों एवं नीति-निर्माताओं को शहरी विकास की गुणवत्ता का मूल्यांकन उपलब्ध कराना।
मूल्यांकन के आधार
- स्थिरता (Stability)
- स्वास्थ्य सेवा (Healthcare)
- संस्कृति एवं पर्यावरण (Culture & Environment)
- शिक्षा (Education)
- बुनियादी ढाँचा (Infrastructure)
शीर्ष 5 शहर
- कोपेनहेगन (डेनमार्क)
- वियना (ऑस्ट्रिया)
- मेलबर्न (ऑस्ट्रेलिया)
- सिडनी (ऑस्ट्रेलिया)
- ज्यूरिख (स्विट्जरलैंड)
भारतीय शहरों की रैंकिंग
- नई दिल्ली – 120वाँ
- मुंबई – 121वाँ
- चेन्नई – 123वाँ
- बेंगलुरु – 127वाँ
प्रमुख निष्कर्ष
- कुल 173 शहरों का मूल्यांकन किया गया।
- पश्चिमी यूरोप सबसे अधिक रहने योग्य क्षेत्र बना रहा, हालांकि उसके औसत स्कोर में ठहराव देखा गया।
- एशियाई शहरों के औसत स्कोर में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया गया।
- चीन के 10 शहरों की रैंकिंग में पिछले वर्ष की तुलना में सुधार हुआ।
- ईरान–इज़राइल संघर्ष के कारण खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता (Stability) प्रभावित हुई।
भारत के लिए महत्व
- भारतीय शहरों की निम्न रैंकिंग बेहतर शहरी शासन, बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक परिवहन की आवश्यकता को दर्शाती है।
- बेहतर लिवेबिलिटी से वैश्विक निवेश, प्रतिभाशाली मानव संसाधन और आर्थिक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ावा मिलता है।