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भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा 2026 (UPSC/RAS/PSI)
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- भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा भारत के ओडिशा राज्य के पुरी शहर में मनाई जाती है।
- यह यात्रा हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को शुरू होती है।
- इस यात्रा में भगवान जगन्नाथ, उनके भाई बलभद्र और बहन सुभद्रा की पूजा की जाती है।
- तीनों भगवानों के लिए अलग-अलग विशाल और सुंदर लकड़ी के रथ बनाए जाते हैं।
- भगवान जगन्नाथ के रथ का नाम 'नंदीघोष', बलभद्र जी के रथ का नाम 'तालध्वज' और सुभद्रा जी के रथ का नाम 'दर्पदलन' है।
- पुरी के राजा खुद आकर सोने की झाडू से रथों के रास्ते को साफ करते हैं, जिसे 'छेरा पहरा' रस्म कहते हैं।
- यह रथ यात्रा मुख्य मंदिर से शुरू होकर लगभग तीन किलोमीटर दूर 'गुंडिचा मंदिर' तक जाती है।
- माना जाता है कि भगवान जगन्नाथ यहाँ अपनी मौसी के घर 9 दिनों तक रुकते हैं और फिर वापस आते हैं।