उत्तर-
GST ने भारत की अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में एकीकृत और अधिक कुशल ढांचा स्थापित कर महत्वपूर्ण सुधार किए हैं। जैसे-
- सरलीकरण- GST ने उत्पाद शुल्क, VAT और सेवा कर जैसे अनेक करों को एक प्रणाली में समाहित कर जटिलता को कम किया हैl
- व्यवसाय में सुगमता- पारदर्शी और पूर्वानुमेय कर व्यवस्था ने व्यापार संचालन को सरल बनाया तथा निवेश को प्रोत्साहित किया।
- डिजिटल अनुपालन- GST नेटवर्क (GSTN) के माध्यम से रिटर्न फाइलिंग सुव्यवस्थित हुई, पारदर्शिता बढ़ी और मानवीय हस्तक्षेप कम हुआ।
- सहकारी सन्घवाद- GST परिषद, केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय सुनिश्चित करती है तथा सहमति आधारित निर्णयों को बढ़ावा देती है।
- करों के बहुस्तरीय प्रभाव का अंत- इनपुट टैक्स क्रेडिट की व्यवस्था से “कर पर कर” की समस्या समाप्त हुई, जिससे लागत में कमी आई।
- कर आधार का विस्तार- करदाताओं की संख्या बढ़ी, राजस्व संग्रह में सुधार हुआ और भारतीय वस्तुओं की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ी ।
निष्कर्षतः GST ने कर प्रणाली को अधिक पारदर्शी, कुशल और विकासोन्मुख बनाया है।