जारीकर्ता: World Directory of Modern Military Aircraft (WDMMA)
भारत की रैंकिंग
- भारतीय वायुसेना (IAF) को विश्व में तीसरा स्थान प्राप्त हुआ।
- पहले और दूसरे स्थान पर क्रमशः अमेरिका और रूस रहे।
- भारत लगातार चीन से आगे रहा।
रैंकिंग का आधार (True Value Rating - TVR)
- विमानों की संख्या
- बेड़े (Fleet) की संरचना
- तकनीकी क्षमता
- आधुनिकीकरण
- लॉजिस्टिक समर्थन
- परिचालन दक्षता
- भविष्य की खरीद योजनाएँ
- स्वदेशी एयरोस्पेस उद्योग की क्षमता
मूल्यांकन का दायरा
- 103 देशों की 129 वायु सेनाओं का आकलन।
- 48,000+ सैन्य विमानों का विश्लेषण।
भारतीय वायुसेना की प्रमुख क्षमताएँ
- कुल विमान: 1,716
- लड़ाकू विमान: 542 (7 प्रकार)
- हेलीकॉप्टर: 498
- परिवहन विमान: 282
- प्रशिक्षण विमान: 374
- विशेष मिशन विमान: 20 (AEW&C, ISR, एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग आदि)
विशेष उपलब्धि
- भारतीय वायुसेना ने लगातार तीसरा स्थान बनाए रखा।
- चीन की वायुसेना (PLAAF) से लगातार पाँचवें आकलन में आगे रही।
महत्त्व
- भारत की बढ़ती वायु शक्ति और संचालन क्षमता का वैश्विक प्रमाण।
- आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन एवं आधुनिकीकरण को बल।
- हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति और मजबूत हुई।
♦ Note - स्वतंत्र शाखाओं (Branch-wise) की सूची में भारतीय वायुसेना 6ठे स्थान पर आती है (अमेरिकी सेना की अलग-अलग शाखाओं के कारण), जबकि सम्पूर्ण देशों की सूची में भारत को तीसरा स्थान मिला है।